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बुध देव – औषधीय युक्त स्नान जल
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वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, विवेक, वाणी, तर्कशक्ति, गणित, शिक्षा, व्यापार, लेखन, संचार, विश्लेषण क्षमता तथा मित्रता का कारक ग्रह माना गया है। नवग्रहों में बुध को ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं संचार का प्रतिनिधि ग्रह कहा गया है। यह मनुष्य की सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय शक्ति, स्मरण शक्ति, भाषण कला तथा व्यावसायिक कौशल को प्रभावित करता है।
बुध ग्रह स्वभाव से नपुंसक एवं द्विस्वभावी ग्रह माना गया है। इसकी विशेषता यह है कि यह जिस ग्रह के साथ स्थित होता है, उसी के अनुसार शुभ अथवा अशुभ फल प्रदान करता है। यदि बुध गुरु, शुक्र अथवा बलवान चंद्रमा जैसे शुभ ग्रहों के साथ हो तो अत्यंत शुभ फल देता है, जबकि राहु, केतु, शनि, मंगल अथवा अशुभ सूर्य के प्रभाव में होने पर इसके शुभ फल कम हो जाते हैं।
बुध मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी हैं। कन्या राशि में यह उच्च तथा मीन राशि में नीच माने जाते हैं। नक्षत्रों में आश्लेषा, ज्येष्ठा एवं रेवती बुध के अधीन हैं।
बुध ग्रह का रंग हरा माना गया है तथा बुधवार का दिन इन्हीं को समर्पित है।
मनुष्य जीवन पर बुध ग्रह का प्रभाव
बुध ग्रह मनुष्य की बुद्धि, स्मरण शक्ति, वाणी, तर्क, निर्णय क्षमता, गणितीय योग्यता, व्यावसायिक समझ, लेखन कला तथा संचार कौशल का प्रतिनिधित्व करता है।
यदि बुध शुभ एवं बलवान हो तो व्यक्ति—
कुशाग्र बुद्धि वाला होता है।
स्पष्ट एवं प्रभावशाली वक्ता होता है।
शीघ्र निर्णय लेने में सक्षम होता है।
व्यापार एवं वाणिज्य में सफलता प्राप्त करता है।
अनेक भाषाओं का ज्ञान रखता है।
तर्क एवं विश्लेषण में निपुण होता है।
समाज में सम्मान प्राप्त करता है।
इसके विपरीत यदि बुध अशुभ अथवा पीड़ित हो तो व्यक्ति भ्रमित, अस्थिर, निर्णयहीन तथा संचार कौशल में कमजोर हो सकता है।
शारीरिक बनावट एवं स्वभाव
यदि जन्मकुंडली के लग्न भाव में बुध स्थित हो तो जातक—
सुंदर एवं आकर्षक व्यक्तित्व वाला होता है।
अपनी वास्तविक आयु से कम प्रतीत होता है।
नेत्र तेजस्वी एवं आकर्षक होते हैं।
मधुरभाषी एवं विनम्र होता है।
हाजिरजवाब एवं बुद्धिमान होता है।
तर्कशक्ति अत्यंत प्रबल होती है।
नई बातें शीघ्र सीखने की क्षमता रखता है।
अनेक भाषाओं का ज्ञान प्राप्त कर सकता है।
व्यवसाय एवं संचार के क्षेत्र में सफल होता है।
हास्यप्रिय एवं मिलनसार स्वभाव का होता है।
बली बुध के प्रभाव
यदि जन्मकुंडली में बुध शुभ एवं बलवान हो तो जातक को निम्नलिखित शुभ फल प्राप्त होते हैं—
तीव्र बुद्धि
उत्कृष्ट स्मरण शक्ति
स्पष्ट वाणी
प्रभावशाली व्यक्तित्व
गणित में दक्षता
व्यापार में सफलता
लेखन एवं साहित्य में रुचि
पत्रकारिता एवं मीडिया में सफलता
भाषण कला
तर्क एवं विश्लेषण क्षमता
संचार कौशल
नई तकनीकों को शीघ्र सीखने की क्षमता
आर्थिक उन्नति
सामाजिक प्रतिष्ठा
बलवान बुध व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।
पीड़ित बुध के प्रभाव
यदि बुध राहु, केतु, शनि, मंगल अथवा अन्य पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो निम्न समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं—
निर्णय लेने में कठिनाई
भ्रम एवं असमंजस
स्मरण शक्ति में कमी
वाणी दोष
पढ़ाई में बाधा
गणित में कमजोरी
व्यापार में हानि
गलत निर्णय
आर्थिक कठिनाई
संचार में असफलता
मानसिक अस्थिरता
आत्मविश्वास की कमी
ऐसी स्थिति में बुध ग्रह की शांति एवं सुदृढ़ता के उपाय करना लाभकारी माना गया है।
बुध ग्रह से होने वाले रोग
यदि जन्मकुंडली में बुध अशुभ अथवा पीड़ित हो तो निम्न रोग उत्पन्न हो सकते हैं—
वाणी दोष
हकलाना
स्मरण शक्ति की कमजोरी
तंत्रिका तंत्र के रोग
नसों का दर्द
त्वचा रोग
गले के रोग
नाक संबंधी विकार
मुख रोग
जीभ के रोग
श्रवण दोष
अत्यधिक पसीना आना
मानसिक थकान
बुध ग्रह से संबंधित कार्य एवं व्यवसाय
बुध ग्रह निम्न व्यवसायों का प्रतिनिधित्व करता है—
व्यापार एवं वाणिज्य
लेखन
पत्रकारिता
संपादन
प्रकाशन
शिक्षण
वकालत
लेखाकार (Accountant)
चार्टर्ड अकाउंटेंसी
बैंकिंग
विपणन (Marketing)
विज्ञापन
एंकरिंग
रेडियो एवं टेलीविजन
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
सॉफ्टवेयर विकास
डिजिटल मीडिया
जनसंपर्क
कथा-वाचन एवं प्रवचन
बुध ग्रह से संबंधित वस्तुएँ
बुध ग्रह के अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रमुख वस्तुएँ—
मूंग की दाल
हरी सब्जियाँ
पालक
हरे फल
अखरोट
घी
तिल का तेल
औषधीय पौधे
हरे वस्त्र
लेखन सामग्री
पुस्तकें
कागज़
बुध ग्रह से संबंधित स्थान
विद्यालय
महाविद्यालय
विश्वविद्यालय
पुस्तकालय
वाणिज्यिक संस्थान
बैंक
कार्यालय
समाचार संस्थान
खेल मैदान
प्रशिक्षण केंद्र
अनुसंधान संस्थान
बुध ग्रह से संबंधित पशु-पक्षी
तोता
बकरी
कुत्ता
लोमड़ी
गिलहरी
सरीसृप वर्ग के जीव
बुध ग्रह से संबंधित वनस्पति
जड़ – विधारा मूल
बुध ग्रह से संबंधित रत्न एवं पूजन सामग्री
रत्न – पन्ना (Emerald)
रुद्राक्ष – चतुर्मुखी रुद्राक्ष
यंत्र – बुध यंत्र
रंग – हरा
नोट: पन्ना रत्न सदैव योग्य एवं अनुभवी ज्योतिषाचार्य के परामर्श से ही धारण करना चाहिए।
बुध ग्रह के उपाय
यदि जन्मकुंडली में बुध अशुभ अथवा दुर्बल हो तो निम्न उपाय अत्यंत लाभकारी माने गए हैं—
प्रत्येक बुधवार व्रत रखें।
भगवान श्रीगणेश एवं भगवान विष्णु की उपासना करें।
हरी मूंग का दान करें।
गौ को हरा चारा खिलाएँ।
विद्यार्थियों को पुस्तकें दान करें।
हरे वस्त्र धारण करें।
तुलसी की सेवा करें।
बुध मंत्रों का नियमित जप करें।
योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह से पन्ना धारण करें।
बुध ग्रह के मंत्र
वैदिक मंत्र
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च।
अस्मिन्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत॥
तांत्रिक मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः॥
बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
खगोल विज्ञान में बुध ग्रह का महत्व
खगोल विज्ञान के अनुसार बुध सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह तथा सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह है। यह लगभग 88 दिनों में सूर्य की एक परिक्रमा पूर्ण करता है। बुध का अपना कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है तथा इसका वायुमंडल अत्यंत विरल है।
सूर्य के अत्यधिक समीप होने के कारण बुध को सामान्यतः केवल सूर्योदय से पूर्व अथवा सूर्यास्त के तुरंत बाद अल्प समय के लिए ही देखा जा सकता है।
धार्मिक एवं पौराणिक महत्व
सनातन धर्म में बुध ग्रह की पूजा बुधदेव के रूप में की जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार बुधदेव चंद्रदेव एवं तारा के पुत्र हैं। इन्हें बुद्धि, प्रज्ञा, वाणी, विद्या एवं व्यापार के अधिष्ठाता देव माना गया है।
बुधदेव का संबंध भगवान विष्णु से भी माना जाता है। बुधवार के दिन भगवान विष्णु एवं श्रीगणेश की उपासना करने से बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। उत्तर दिशा बुध की दिशा मानी जाती है, जो धन एवं समृद्धि के अधिष्ठाता भगवान कुबेर की दिशा भी है।
शुभ एवं बलवान बुध व्यक्ति को ज्ञान, विवेक, समृद्धि, व्यापारिक सफलता, वाणी की मधुरता तथा सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह बुद्धि, शिक्षा, वाणी, तर्क, गणित, व्यापार, संचार एवं विवेक के प्रमुख कारक माने गए हैं। शुभ एवं बलवान बुध व्यक्ति को कुशाग्र बुद्धि, प्रभावशाली व्यक्तित्व, उत्कृष्ट वाणी, आर्थिक सफलता तथा सामाजिक सम्मान प्रदान करते हैं, जबकि अशुभ अथवा पीड़ित बुध निर्णय क्षमता की कमी, व्यापारिक हानि, वाणी दोष तथा मानसिक भ्रम का कारण बन सकता है।
अतः भगवान श्रीगणेश एवं भगवान विष्णु की उपासना, बुधवार का व्रत, बुध मंत्रों का जप, दान-पुण्य तथा सात्त्विक जीवनशैली अपनाकर बुध ग्रह की कृपा प्राप्त की जा सकती है। शुभ एवं सुदृढ़ बुध जीवन में ज्ञान, बुद्धिमत्ता, समृद्धि, सफलता तथा उत्कृष्ट संवाद कौशल प्रदान करते हैं।